मैक्ग्रा फाउंडेशन का वर्चुअल कैंपेन लॉन्च, ब्रेस्ट केयर नर्सेज को मिलेंगे 5.65 करोड़ रुपए



भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार से सिडनी में तीसरा टेस्ट खेला जाएगा। सिडनी में नए साल पर होने वाले इस टेस्ट को पिंक टेस्ट भी कहा जाता है। इसमें दोनों टीमें गुलाबी रंग के साथ मैदान में उतरती हैं। मैक्ग्रा फाउंडेशन ने मंगलवार को ‘वर्चुअल पिंक सीट्स’ कैंपेन लॉन्च किया। इसके तहत मैक्ग्रा ब्रेस्ट केयर नर्सेज को 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 5.65 करोड़ रुपए) मिलेंगे।

इस कैंपेन को सिडनी में कम दर्शकों को एंट्री दिए जाने की वजह से शुरू किया गया। सिडनी टेस्ट के लिए 25% लोगों को प्रति दिन स्टेडियम में जाने की अनुमति दी गई है। यानी 38 हजार दर्शकों की क्षमता वाले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में सिर्फ 9,500 को हर रोज एंट्री मिल सकेगी।

किसी देश में कहीं से भी बैठकर पिंक टेस्ट से जुड़ सकेंगे
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि वर्चुअल पिंक सीट के जरिए किसी भी देश में बैठा शख्स इस टेस्ट से जुड़ सकेगा। इसके लिए दर्शकों को पिंक सीट खरीदने होंगे। CA ने कहा, ”सिडनी में पिंक कलर ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे लोगों के लिए है। इससे मैक्ग्रा फाउंडेशन को फंड रेज करने में मदद मिलती है। हम हर साल यह टेस्ट कराते हैं और इस साल भी लोगों से सपोर्ट की उम्मीद कर रहे हैं।”

पहले की तरह दर्शक स्टेडियम में नहीं पहुंच सकेंगे
CA ने कहा, ”इस साल पिंक टेस्ट बाकी सालों से अलग होगा, क्योंकि इस बार दर्शक पहले की क्षमता के मुताबिक नहीं आ सकेंगे। इस बार हमारे वालंटियर ग्राउंड पर डोनेशन कलेक्ट करने के लिए मौजूद नहीं होंगे। हमें उम्मीद है कि लोग वर्चुअल पिंक सीट्स खरीदेंगे और हमें सपोर्ट करेंगे। पिंक सिर्फ एक कलर नहीं है, बल्कि उम्मीद और समर्थन का प्रतीक भी है। इससे ब्रेस्ट कैंसर से लड़ रहे लोगों को काफी मदद मिलेगी।”

154 नर्सेज के नेटवर्क को मैनेज करने के लिए 79 करोड़ रुपए की जरूरत
मैक्ग्रा फाउंडेशन की CEO होली मास्टर्स ने कहा, ”लोगों को पता नहीं है पर हमें 154 मैक्ग्रा ब्रेस्ट केयर नर्सेज के नेटवर्क को फंड करने के लिए 14 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 79 करोड़ रुपए) की जरूरत पड़ती है। इसलिए पिंक टेस्ट से हमें इस लड़ाई को और मजबूत करने में मदद मिलती है। ऑस्ट्रेलिया में प्रति दिन 55 ब्रेस्ट कैंसर के मामले सामने आते हैं।”

होली मास्टर्स ने कहा, ”मैक्ग्रा फाउंडेशन की नर्सेज ने ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद की है। कोरोना काल में यह लड़ाई और भी मुश्किल हो गई है। हमें उम्मीद है कि सिडनी टेस्ट से एकबार फिर हमें काफी मदद मिलेगी।”

क्यों कराया जाता है पिंक टेस्ट
दरअसल, पिंक टेस्ट का नाता ऑस्ट्रेलियाई लीजेंड ग्लेन मैक्ग्रा और उनकी पत्नी जेन से जुड़ा है। टेस्ट मैच के तीसरे दिन को ‘जेन मैक्ग्रा डे’ के नाम से जाना जाता है। जेन का 2008 में ब्रेस्ट कैंसर की वजह से निधन हुआ था। इसके बाद ब्रेस्ट कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता के लिए सिडनी में पिंक टेस्ट कराया जाने लगा। यह ग्लेन मैक्ग्रा का होम ग्राउंड है।

मैच में होने वाला फायदा मैक्ग्रा फाउंडेशन को मिलता है
इस मैच से जो भी फायदा होता है, वह पूरा मैक्ग्रा फाउंडेशन को दान कर दिया जाता है। 2005 में ग्लैन और उनकी पत्नी जेन ने फाउंडेशन की स्थापना की थी, लेकिन इसके 3 साल बाद जेन का निधन हो गया। इस जागरूकता अभियान को सपोर्ट करने के लिए फैंस गुलाबी रंग के कपड़े पहनते हैं। मैक्ग्रा फाउंडेशन एक चैरिटी संस्था है, जो ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों की सहायता करती है।

4 टेस्ट की सीरीज 1-1 से बराबरी पर
टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। सिडनी मैच के बाद दोनों टीम के बीच सीरीज का आखिरी टेस्ट ब्रिस्बेन में 15 जनवरी को खेला जाएगा। सीरीज का पहला मैच एडिलेड में डे-नाइट खेला गया था, जो ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से जीता था। इसके बाद मेलबर्न में खेला गया बॉक्सिंग-डे टेस्ट भारत ने 8 विकेट से अपने नाम किया था।

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पिंक सीट्स कैंपेन के तहत मैक्ग्रा ब्रेस्ट केयर नर्सेज को 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 5.65 करोड़ रुपए) मिलेंगे। फोटो में ग्लेन मैक्ग्रा के साथ मैक्ग्रा फाउंडेशन की टीम।

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